BLOG: विराट कोहली क्यों बनाना चाहते हैं टीम इंडिया को ‘रहस्यलोक’


श्रीलंका में वनडे सीरीज जीतने के बाद विराट कोहली ने एक बड़ी अहम बात कही. उन्होंने ये बात 2019 विश्व कप को दिमाग में रखकर कही. विराट ने कहाकि वो टीम इंडिया को एक ऐसे खिलाड़ियों की टीम बनाने पर काम कर रहे हैं जो ‘प्रेडिक्टेबल’ ना हो यानी विरोधी टीम इस बात का अंदाजा ना लगा पाए कि टीम इंडिया की और उसके खिलाड़ियों की रणनीति क्या है, उनकी ताकत क्या है?


विराट ने साफ कहा कि वो एक तय ‘पैटर्न’ पर टीम को तैयार नहीं कर रहे हैं. वो इस दिशा में प्रयोग कर रहे हैं कि टीम की रणनीति से जुड़ी बातें बदलती रहें. उन्होंने कहाकि अगर ऐसा करने में कामयाबी मिलती है तो टीम इंडिया का ‘कॉम्बिनेशन’ बड़ा ‘लीथल’ यानी बड़ा खतरनाक होगा. आपको बता दें कि 2019 विश्व कप इंग्लैंड एवं वेल्स की मेजबानी में मई में शुरू होगा. भारतीय टीम 1983 और 2011 में विश्व कप चैंपियन बनी थी. इस कारनामे को दोहराने के लिए विराट कोहली के पास अभी करीब 20 महीने का वक्त है. विराट कोहली 2011 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं.


हालिया सीरीज में विराट कोहली ने किया था यही काम


श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे में रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली को ही बल्लेबाजी का मौका मिला था. इन तीनों की बल्लेबाजी की बदौलत भारत बड़ी आसानी से पहला वनडे मैच जीत गया था. इसके बाद दूसरे, तीसरे चौथे और पांचवें वनडे में विराट कोहली ने बल्लेबाजी क्रम में जमकर प्रयोग किया. दूसरे वनडे में उन्होंने नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए केदार जाधव को भेजा. तीसरे वनडे में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए केएल राहुल आए.


तीसरे वनडे में ये जिम्मेदारी हार्दिक पांड्या को दी गई. आखिरी वनडे में मनीष पांडे चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए. गेंदबाजी में भी विराट कोहली अक्षर पटेल और कुलदीप यादव को लेकर प्रयोग करते रहे. शिखर धवन व्यक्तिगत कारणों से आखिरी वनडे में टीम का हिस्सा नहीं थे अन्यथा उनकी और रोहित शर्मा की जोड़ी बतौर सलामी बल्लेबाज उतरती है. इसके बाद नंबर तीन पर विराट कोहली बल्लेबाजी करने आते हैं. नंबर तीन के बाद बल्लेबाजी क्रम की सूरत कैसी होगी इसको लेकर विराट कोहली ने इस सीरीज में काम किया. नतीजे भी अच्छे देखने को मिले. भारत ने वनडे सीरीज 5-0 से जीती.


भविष्य की सोच कर रणनीति बनाने मे जुटे हैं कोहली


आधुनिक क्रिकेट में विरोधी टीम या किसी खास खिलाड़ी के खिलाफ रणनीति बनाना आसान हुआ है. टीम के साथ कई ऐसे विशेषज्ञ होते हैं जो खिलाड़ियों की रिकॉर्डिंग को देखकर उसकी ताकत और कमजोरी का अंदाजा लगाते हैं. इसी ‘इनपुट’ के सहारे टीमें अपनी रणनीति बनाती हैं. विराट कोहली इस दिशा में तो कुछ नहीं कर सकते हैं लेकिन उन्होंने इसका काट खोजने की तैयारी कर ली है. अगर विराट कोहली बल्लेबाजी क्रम में 2-3 बल्लेबाजों को भी इसके लिए तैयार कर लेते हैं कि उनकी जगह बदलती रहेगी तो ये विरोधी टीम को मुश्किल में डालने के लिए काफी होगा.


प्लेइंग 11 को लेकर भी विराट कोहली इस तरह के प्रयोग करेंगे. ऐसी स्थिति में खिलाड़ियों को इस बात के लिए तैयार रहना होगा कि अच्छे प्रदर्शन के बाद भी उन्हें प्लेइंग 11 से बाहर बैठना पड़ सकता है क्योंकि अब प्लेइंग 11 का फैसला खिलाड़ी की फॉर्म के साथ साथ मैदान के मिजाज और टीम की जरूरत को ध्यान में रखकर किया जाएगा. टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली ऐसा कर भी चुके हैं. आदर्श स्थिति में विश्व कप से पहले 30 संभावित खिलाड़ियों को चुना जाता है. जिसमें से फाइनल खिलाड़ी चुने जाते हैं. वो 30 खिलाड़ी कौन से होंगे इसको लेकर भी विराट कोहली ने होमवर्क शुरू कर दिया है. बतौर कप्तान उनके ‘विजन’ की तारीफ खेल के जानकार करते रहे हैं. अब वो अपने इसे विजन और काबिलियत को और मजबूत बनाने में जुटे हुए हैं.



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