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INDvsSL तीसरा वनडे : एक औ�� सीरीज जीतने उतरेगी टीम इंडिया

विशाखापत्तनम: भारत और श्रीलंका के बीच तीसरा और अंतिम वनडे किसी फाइनल से कम नहीं है. तीन मैचों की सीरीज में दोनों ही 1-1 से बराबरी पर है. बल्लेबाजों के बेहतरीन फॉर्म को देखते हुए हालाकि भारतीय टीम का पलड़ा श्रीलंका पर भारी दिखता है. भारत ने अभी तक इस मैदान पर अक्तूबर 2015 में साउथ अफ्रीका से सीरीज गंवाने के बाद कोई सीरीज नहीं हारी है.दूसरी ओर श्रीलंका की नजरें भारत में पहली सीरीज जीतने पर होगी जिसने आठ मुकाबलों में पराजय का सामना किया और एक ड्रॉ खेली.मोहाली में कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार दोहरे शतक के साथ मोर्चे से अगुवाई की जबकि धर्मशाला में पहले वनडे में भारत को शर्मनाक पराजय झेलनी पड़ी थी. रोहित एंड कंपनी की नजरें यहां लगातार दूसरा मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर लगी होंगी.भारत ने इस मैदान पर सात मैच खेले हैं और सिर्फ एक में उसे हार मिली. मेजबान को उम्मीद होगी कि उसका शानदार फॉर्म यहां बरकरार रहेगा.धर्मशाला में मिली हार के बाद भारत आईसीसी वनडे रैंकिंग में साउथ अफ्रीका को पछाड़ नहीं सकेगा. लेकिन यहां सीरीज में जीत दाव पर है और भारतीय टीम टेस्ट सीरीज के बाद वनडे में भी अपना दबदबा बरकरार रखना चाहेगी.भारतीय कप्तान श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर अपना खौफ कायम रखने के इरादे से उतरेंगे जबकि बाकी बल्लेबाजों से भी अच्छे प्रदर्शन की अपेक्षा होगी. धर्मशाला में 112 रन पर आउट होने के बाद मेजबान टीम ने दूसरे वनडे में लय हासिल की.शिखर धवन ने अर्द्धशतक बनाया जबकि युवा श्रेयस अय्यर ने 88 रन बनाकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा होगा. भारतीय बल्लेबाजों ने पहले मैच की हार के बाद लय हासिल कर ली है और कल उनसे इसी प्रदर्शन के दोहराव की उम्मीद होगी. मध्यक्रम में दिनेश कार्तिक और मनीष पांडे अच्छी पारियां खेलना चाहेंगे जबकि महेंद्र सिंह धोनी और हार्दिक पंड्या से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी. ऐसा लगता है कि अजिंक्य रहाणे को फिर बाहर रहना होगा बशर्ते टीम प्रबंधन पांडे या कार्तिक पर उन्हें तरजीह देने का फैसला ना ले.गेंदबाजों ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है और उनसे इसके दोहराव की उम्मीद होगी. वैसे पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए यह विकेट बल्लेबाजों की मददगार लग रही है.पहले 10 ओवर में अच्छी गेंदबाजी के महत्व को भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह के अलावा सुरंगा लकमल भी समझते होंगे.हरफनमौला एंजेलो मैथ्यूज भी इस मैच के लिये उपलब्ध होंगे जिससे श्रीलंकाई आक्रमण मजबूत होगा. मोहाली में शतक जमाने वाले मैथ्यूज श्रीलंका की अनुभवहीन बल्लेबाजी की रीढ हैं.श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम में उपुल थरंगा सबसे अनुभवी है जिनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. लाहिरू तिरिमन्ने, धनुष्का गुणतिलका और निरोशन डिकवेला भी लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके हैं. पिछले मैच में रोहित के हाथों धुलाई के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों के पास मनोबल हासिल करना बड़ी चुनौती होगी.टीमें :-भारत :- रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन, श्रेयस अय्यर , दिनेश कार्तिक, मनीष पांडे, एम एस धोनी, हार्दिक पंड्या, एम एस वाशिंगटन सुंदर, भुवनेश्वर कुमार, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमरा, कुलदीप यादव, अजिंक्य रहाणे, अक्षर पटेल, सिद्धार्थ कौल.श्रीलंका :- तिसारा परेरा (कप्तान) , उपुल थरंगा, धनुष्का गुणतिलका, लाहिरू तिरिमन्ने, असेला गुणरत्ने, सदीरा समरविक्रमा, निरोशन डिकवेला, धनंजय डिसिल्वा, एंजेलो मैथ्यूज, सचित पतिराना, सुरंगा लकमल, नुवान प्रदीप, अकिला धनंजया, चतुरंगा डिसिल्वा, दुष्मंता चामीरा, कुसल परेरा.

विशाखापट्टनम: धोनी ने पहले ही वनडे में मचा दिया था कोहराम

नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की सीरीज का तीसरा और निर्णायक वनडे विशाखापट्टनम के डॉ. वाय. एस. राजसेखरा रेड्डी, एसीएस-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. दोनों ही टीम सीरीज में 1-1 से बराबर चल रही है और इस मुकाबले को जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम कर लेगी. हालाकि भारतीय टीम के लिए ये मैदान बेहद खास रहा है. अब तक सात मुकाबले इस मैदान पर खेले गए हैं और भारत ने पांच मुकाबले अपने नाम किए हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत को एक मैच में हार मिली वहीं एक मैच बारिश के कारण नहीं हो पाया. भारत के साथ ही ये मैदान भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के लिए बेहद खास रहा है. इस मैदान पर खेला गए पहला वनडे धोनी के नाम रहा. इस मैच से पहले तक धोनी के ऊपर टीम से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन मैच खत्म होने के बाद धोनी पूरी तरह बदल चुके थे और मुड़ कर कभी भी पीछे नहीं देखा. इस मुकाबले से पहले धोनी ने पांच मैच खेले थे जिसमें उनके बल्ले से सिर्फ 22 रन आए थे. लेकिन दो रन पर सचिन तेंदुलकर के रन आउट होने के बाद कप्तान सौरव गांगुली ने नया दांव खेला और धोनी को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा. पांच पारियों में फेल रहने वाले धोनी ने सहवाग का बखुबी साथ दिया और दूसरे विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी की. धोनी ने पाकिस्तान के हर गेंदबाज के साथ विश्व क्रिकेट को बता दिया कि नंबर तीन पर जिस बल्लेबाज को भेजा गया है वो आने वाले वक्त का सबसे बड़ा बल्लेबाज बनने वाला है. नए जोश में दिख रहे धोनी ने पिछले पांच पारियों का कसर एक मैच में ही निकाल दी. उनके हर शॉट में आत्मविश्वास झलक रहा था. उन्होंने 123 गेंद में 148 रनों की पारी खेल टीम के स्कोर को 9 विकेट पर 356 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. धोनी ने उस मुकाबले में 15 चौके और 4 गगनभेदी छक्के लगाकर दिखा दिया कि कप्तान और चयनकर्ता उन पर अब तक भरोसा दिखाए हुए थे. धोनी मुकाबले में मैन ऑफ द मैच बने और यहां से एक विश्व स्तरीय बल्लेबाज जिन्हें आज पूरा विश्व क्रिकेट मैच फिनिशर के नाम से जानता है.

रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल: बंगाल की गेंदबाजी का सामना दिल्ली की बल्लेबाजी से

पुणे: दिल्ली और बंगाल के बीच रविवार शुरू हो रहे रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में मोहम्मद शमी की अगुवाई वाली बंगाल की गेंदबाजी का सामना गौतम गंभीर और ऋषभ पंत जैसे सितारों से सजी दिल्ली की बल्लेबाजी से होगा.यह मैच देश के सबसे बेहतरीन तेज आक्रमण और बल्लेबाजी क्रम के बीच होगा जिसमें दोनों टीमों के पास मैच विनर खिलाड़ियों की कमी नहीं है.बंगाल ने 2009-10 सीजन के बाद दिल्ली को कभी पहली पारी में बढत नहीं लेने दी है. बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी और गंभीर के अतीत में तनावपूर्ण संबंध रहे हैं.गंभीर इस सीजन में अभी तक 505 रन बना चुके हैं हालांकि 36 साल की उम्र में अब भारत के लिए उनके दोबारा खेलने की गुंजाइश नहीं बची है.दिल्ली के युवा खिलाड़ियों नीतिश राणा ( 515 रन ), ध्रुव शौरे ( 374 रन ) , हिम्मत सिंह ( तीन मैचों में 215 रन ) और कुणाल चंदेला ( दो मैचों में 202 रन ) ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है. गेंदबाजी में स्पिनर विकास मिश्रा ने 31 विकेट लेकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी की है. वहीं नवदीप सैनी ने 22 विकेट चटकाए हैं.बंगाल के लिए नियमित टेस्ट विकेटकीपर ऋधिमान साहा पर काफी दारोमदार होगा. अभिमन्यु ईश्वरन ( 547 रन ) और अविषेक रमन (587 रन ) ने पारी की शुरूआत करते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है. दिल्ली ने आखिरी बार 2007-08 का टूर्नामेंट अपने नाम किया था तो वहीं बंगाल 1989-90 के बाद से टूर्नामेंट नहीं जीत पाई है.

जडेजा का कमाल, छह गेंद पर छह छक्का लगा रचा इतिहास

नई दिल्ली: श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी 20 सीरीज से बाहर किए गए स्पिन ऑलराउंडर रवीन्द्र जडेजा ने सौराष्ट्र क्रिकेट एसोशिएशन इंटर डिस्ट्रिक्ट टी 20 मुकाबले में नया इतिहास रच दिया है. जडेजा ने एक ही ओवर में छह छक्के लगाने का नया कारनामा किया है.बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 64 गेंद पर 154 रनों की तूफानी पारी खेली. जडेजा की इस पारी की बदलौत उनकी टीम जमानगर ने अमरेली को 121 रनों के विशाल अंतर से हराया.दिव्यराज चौहान के साथ सलामी बल्लेबाजी करने उतरे जडेजा 19वें ओवर में आउट हुए. पारी के 15वें ओवर के दौरान जडेजा ने ऑफ स्पिनर नीलम वमजा के ओवर में लगातार छह छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड अपने नाम किया. वमजा के दो ओवर में 48 रन बने.जडेजा 19वें ओवर में रन आउट हुए लेकिन उससे पहले अपने बल्ले से जोरदार धमाल मचाते हुए 15 चौके और 10 छक्के लगाए. अंत में उनकी टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 239 रन बनाए.इससे पहले जब जडेजा को श्रीलंका दौरे से बाहर किया गया था उन्होंने रणजी ट्रॉफी में दोहरा शतक लगाया था. अब श्रीलंका के खिलाफ होम सीरीज में बाहर होने के बाद एक बार फिर अपने बल्ले से उन्होंने चयनकर्ताओं को करारा जवाब दिया है.भारत की ओर से अब तक रवि शास्त्री औऱ युवराज सिंह अलग-अलग मुकाबलों में छह गेंदों पर छह छक्के लगा चुके हैं.

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